हल्द्वानी के नवीन वर्मा बने वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष
न्यूज निरपेक्ष, देहरादून। प्रदेश सरकार ने भाजपा के 18 और नेताओं को दायित्व सौंपे हैं। इससे पहले बीते मंगलवार को 20 लोगों को दायित्व सौंपे गए थे। इस तरह नवरात्र पर पार्टी के 38 नेताओं को दायित्व सौंपे गए हैं। माना जा रहा है कि दायित्व वितरण से पार्टी ने कार्यकर्ताओं को सम्मान देने का प्रयास किया है। सरकार का मानना है कि दायित्व वितरण से विकास कार्यों को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सहमति पर हल्द्वानी के नवीन वर्मा को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, शंकर कोरंगा को उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय जलागम परिषद, अशोक नबियाल को उपाध्यक्ष उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद, सरदार मनजीत सिंह को सह अध्यक्ष प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति तथा महेश्वर सिंह महरा को उपाध्यक्ष चाय विकास सलाहकार परिषद बनाया गया है। गीता रावत को राज्य स्तरीय सतर्कता समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। बलवीर घुनियाल को उपाध्यक्ष जड़ी-बूटी सलाहकार समिति, सुरेन्द्र मोघा को उपाध्यक्ष उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड, भुवन विक्रम डबराल को उपाध्यक्ष जड़ी-बूटी सलाहकार समिति बनाया गया है। सुभाष बर्थ्वाल को उपाध्यक्ष राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद, पुनीत मित्तल को उपाध्यक्ष नगरीय पर्यावरण संरक्षण परिषद, गिरीश डोभाल को उपाध्यक्ष प्रदेशीय मौन परिषद, गीताराम गौड़ को उपाध्यक्ष उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद, डॉ. जयपाल को उपाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा उन्नयन समिति नियुक्त किया गया। इसी क्रम में देशराज कर्णवाल को उपाध्यक्ष समाज कल्याण योजनाएं एवं अनुश्रवण समिति, अजीत चौधरी को उपाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य किसान आयोग, जगत सिंह चौहान को उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय लघु सिंचाई सलाहकार समिति तथा प्रताप सिंह पंवार को उपाध्यक्ष राज्य औषधीय पादप बोर्ड का दायित्व सौंपा गया है।
सरकार के खजाने पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
सरकार का मानना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं को दायित्व सौंपने से सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। लेकिन इतती अधिक संख्या में दायित्व बांटने से सरकार के खजाने पर भी प्रतिमाह लाखों रुपये का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में प्रत्येक दायित्वधारी को 80 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन तय है। इसके लिए आवास के लिए (सरकारी आवास न मिलने पर) प्रतिमाह 25 हजार रुपये दिए जाते हैं। यदि दायित्वधारी को सरकारी आवास मिलता है तो कार्यालय भत्ते के रूप में प्रतिमाह 10 हजार रुपये दिये जाते हैं। इसके अलावा टेलीफोन/मोबाइल के लिए प्रतिमाह 2 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। साथ ही दायित्वधारियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रखने के लिए सरकार प्रतिमाह 12 से 15 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान करती है। इसके साथ ही सरकारी वाहन तथा सुरक्षा कर्मी की सुविधा भी सरकार द्वारा दायित्वधारियों को दी जाती है। सरकारी वाहन न लेने पर प्रतिमाह 40 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान दायित्वधारी को किया जाता है। इसके आलावा भी कई अन्य सुविधाएं सरकार की ओर से दायित्वधारियों को दी जाती हैं। इस प्रकार से एक दायित्वधारी पर सरकार प्रतिमाह डेढ़ से दो लाख रुपया खकर्ट करती है। ऐसे में प्रदेश में अब तक घोषित 38 दायित्वधारियों पर सरकार का लगभग 76 लाख रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त व्यय होगा।
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