मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंडित राम सुमेर शुक्ल को किया याद

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-47वीं पुण्यतिथि पर रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज परिसर में पंडित शुक्ला जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और शिलापट्ट का किया अनावरण

न्यूज निरपेक्ष, रुद्रपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं तराई क्षेत्र के संस्थापक पंडित राम सुमेर शुक्ल की 47वीं पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने पंडित शुक्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा उनके जीवन पर आधारित शिलापट्ट का अनावरण किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 11 व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पंडित राम सुमेर शुक्ल राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण के प्रतीक थे। मात्र 21 वर्ष की आयु में लाहौर अधिवेशन में जिन्ना के द्विराष्ट्रवाद सिद्धांत का विरोध कर उन्होंने देश भर में एक अलग पहचान बनाई। गांधीवादी विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने वकालत छोड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में स्वयं को समर्पित कर दिया और कई बार जेल गए। ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में युवाओं को संगठित कर उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी पंडित शुक्ल ने तराई क्षेत्र के विकास को अपना जीवन लक्ष्य बनाया। तराई कॉलोनाइजेशन योजना के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने इस क्षेत्र के विकास की नींव रखी। धामी ने कहा कि पंडित शुक्ल की विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य उनके पुत्र राजेश शुक्ल द्वारा लगातार किया जा रहा है।

सीएम धामी ने तराई व रुद्रपुर क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण, 590 करोड़ की लागत से रुद्रपुर बाईपास, कई चार लेन सड़कें, रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण, पिंक टॉयलेट्स, कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट, एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट, किच्छा में एम्स का सैटेलाइट सेंटर तथा पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अरोमा पार्क, प्लास्टिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क और प्रस्तावित इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति में सहायक सिद्ध होंगे। जमरानी बांध परियोजना और गन्ना मूल्य में 30 रुपये की वृद्धि को भी उन्होंने महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पंडित शुक्ल के अनुयायियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

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