अंकिता हत्याकांड: ऑडियो क्लिप मामले में आज एसआईटी के सामने पेश होंगी उर्मिला सनावर

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न्यूज निरपेक्ष, देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े ऑडियो क्लिप और कथित ब्लैकमेलिंग प्रकरण में सहारनपुर की अभिनेत्री उर्मिला सनावर आज विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष पेश होंगी। एसआईटी उनके द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किए गए ऑडियो क्लिप की सत्यता, उसके स्रोत और उद्देश्य को लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी। इस मामले ने एक बार फिर अंकिता हत्याकांड को राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

जानकारी के अनुसार, उर्मिला सनावर मंगलवार को देहरादून पहुंचीं। इससे पहले बीते कई दिनों तक उनका कोई स्पष्ट पता नहीं चल पा रहा था। उनका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ बताया जा रहा था, जिससे मामले को लेकर और अधिक संदेह गहराया। हरिद्वार पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल होने के लिए सहारनपुर स्थित उनके आवास पर नोटिस चस्पा किया था और बयान व साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए थे।

 उर्मिला सनावर सहारनपुर के थाना सदर बाजार क्षेत्र अंतर्गत गोविंद नगर मोहल्ले की निवासी हैं। वह हरिद्वार जिले की ज्वालापुर विधानसभा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर से विवाह के बाद सुर्खियों में आई थीं। हाल के दिनों में उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर खुलकर आवाज उठाई। उन्होंने इस मामले में कुछ भाजपा नेताओं की संलिप्तता का आरोप भी लगाया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। बीते 29 दिसंबर को उर्मिला सनावर फेसबुक पर लाइव आई थीं, जहां उन्होंने ऑडियो क्लिप साझा करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद अचानक उनका संपर्क से बाहर हो जाना चर्चा का विषय बना रहा। पुलिस ने कई बार उनसे संपर्क साधने का प्रयास किया, लेकिन मोबाइल बंद होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

 इधर, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी की ओर से देहरादून के डालनवाला थाने में पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने जानबूझकर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और सामग्री प्रसारित कर भाजपा की छवि धूमिल करने और सामाजिक तनाव फैलाने की साजिश रची। तहरीर में कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और आम आदमी पार्टी को भी इस कथित साजिश का सूत्रधार बताया गया है और त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।

 अब एसआईटी की पूछताछ को इस पूरे प्रकरण में बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान ऑडियो क्लिप, सोशल मीडिया गतिविधियों और राजनीतिक आरोपों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं, जो अंकिता हत्याकांड से जुड़े विवाद को नई दिशा दे सकते हैं।

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