न्यूज निरपेक्ष, हल्द्वानी। साइबर ठगों ने अल्मोड़ा की एक ट्रस्ट संचालिका को मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर डराकर एक सप्ताह तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा और उससे करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता की शिकायत पर साइबर थाना कुमाऊं परिक्षेत्र में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
दन्या, अल्मोड़ा निवासी चित्रा अय्यर साह पत्नी राजेश साह ने पुलिस को बताया कि 11 दिसंबर से 6 जनवरी के बीच उनके मोबाइल पर लगातार अज्ञात नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आईं। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड से जुड़े एक बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। ठगों ने यह भी दावा किया कि इस मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है और जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है। इसके बाद साइबर ठगों ने कथित पुलिस अधिकारियों से महिला की बात कराई और जांच में सहयोग के नाम पर उन्हें घर से बाहर न निकलने, किसी से संपर्क न करने और लगातार कॉल पर बने रहने का दबाव बनाया। गिरफ्तारी के डर और मानसिक तनाव में महिला ठगों के झांसे में आ गई। 31 दिसंबर को ठगों ने उनसे बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल कर उनके खाते से एक करोड़ 20 लाख 18 हजार रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
लगभग एक सप्ताह तक डिजिटल अरेस्ट में रहने के बाद जब महिला ने एक परिचित को कॉल किया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। कुमाऊं साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल या डिजिटल अरेस्ट जैसे दावों से सावधान रहें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करें।

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